पंजाब के कई जिलों में गेहूं की नाड़ जलाने पर रोक, रात में कंबाइन चलाने पर भी पाबंदी
- By Gaurav --
- Thursday, 02 Apr, 2026
Punjab Imposes Ban on Stubble Burning
Punjab में गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए अलग-अलग जिलों में जिला प्रशासन ने कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने खेतों में गेहूं की नाड़ (फसल अवशेष) को आग लगाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है, साथ ही रात के समय कंबाइन मशीन से कटाई करने पर भी रोक लगाई गई है।
Mansa में जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने आदेश जारी करते हुए गेहूं की कटाई के बाद नाड़ को आग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक कंबाइन चलाने पर भी रोक लगा दी गई है। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। प्रशासन के अनुसार नाड़ जलाने से धुआं फैलता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं Fazilka में जिला मजिस्ट्रेट ने शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक कंबाइन के जरिए गेहूं की कटाई पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। यहां भी नाड़ को आग लगाने पर सख्ती से रोक लगाई गई है।
इसी तरह Gurdaspur में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने गेहूं के अवशेषों को जलाने पर 1 अप्रैल से 10 जून 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती है और लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे जमीन की उत्पादकता पर असर पड़ता है।
Hoshiarpur में जिला मजिस्ट्रेट आशिका जैन ने शाम 7 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन से गेहूं काटने पर रोक लगाई है। साथ ही कंबाइन मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि मशीन का उपयोग करने से पहले कृषि विभाग से अनिवार्य निरीक्षण (इंस्पेक्शन) करवाएं और सुपर एसएमएस सिस्टम लगाए बिना कंबाइन का संचालन न करें।